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नारी मूर्ति नहीं इंसान है गुनाह प्यार हमने नहीं मन दिल बात नहीं है hindikavita दोबारा माँ इंसान का मन कभी खुश नहीं रहता उसे job करना है घर नहीं रहना किन्तु जब वो job करता है तब उसे घर रहना है इसी मन की उदासी को समर्पित कविता। नहीं घर है अच्छी हसीन परिवार चोरी करना करना हैं कभी नहीं

Hindi इंसान का मन कभी खुश नहीं रहता उसे Job करना है घर नहीं रहनाकिन्तु जब वो Job करता है तब उसे घर रहना हैइसी मन की उदासी को समर्पित कविता। Poems